Panchadev Panchapran Hindi | पाँच प्राण पाँच देव PDF

Category: Ayurveda, Yoga
Publisher: Yug Nirman Trust
Published Date: 2008
Pages: 114
Size: 10.46MB
Author: Shri Ram Sharma
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पुस्तक परिचय
“पाँच प्राण – पाँच देव” एक आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध ग्रंथ है, जिसमें प्राचीन ऋषियों द्वारा प्रतिपादित प्राणतत्व को आधुनिक वैज्ञानिक नजरिए से प्रस्तुत किया गया है। इसमें बताया गया है कि हम केवल स्थूल शरीर नहीं, बल्कि सूक्ष्म चेतना के भी धारक हैं।
विषयवस्तु
- क्या हम उतने ही हैं जितना स्थूल शरीर?
- बायोलॉजिकल प्लाज्मा बॉडी
- स्थूल ही नहीं, सूक्ष्म का भी ध्यान रखें
- प्राण शक्ति के प्रत्यक्ष प्रमाण
- पाँच प्राण – पाँच शक्ति धाराएँ
- सूक्ष्म शरीर की अनुभूति – प्राणायाम से
- अंतरंग में उतरें, आत्मबल प्राप्त करें
️ उपनिषद् उद्घरण
एषोऽग्निस्तपत्येष सूर्य एष-पर्जन्यो मघवानेष वायुः।
एष पृथिवी रयिर्देवः सदसच्यामृतं चयत्।।
— प्रश्नोपनिषद् २/५
यह प्राण ही शरीर में अग्नि रूप होकर तपता है। यह सूर्य, वायु, पृथ्वी, मेघ, तथा ब्रह्म का भी स्वरूप है — वही सत्, असत् और अमृत रूप में विद्यमान है।
क्यों पढ़ें यह पुस्तक?
- योग और भारतीय दर्शन में रुचि रखने वालों के लिए अमूल्य ग्रंथ
- प्राण और चेतना की भूमिका को समझने का माध्यम
- आत्मबल और सूक्ष्म शरीर की अनुभूति के उपाय

