Sanskrita Swadhyay Vyavahara Pradeep | संस्कृतस्वाध्यायः द्वितीया दीक्षा व्यवहारप्रदीपः (द्वितीयाे भागः) online Read now
Teatch Yourself Samskritam.
संस्कृतस्वाध्यायः द्वितीया दीक्षा व्यवहारप्रदीपः (द्वितीयाे भागः)
Sanskrita Swadhyay Vyavahara Pradeep
संस्कृत भाषा विश्व की प्राचीनतम एवं समृद्धतम भाषाओं में से एक है। यह केवल एक भाषा नहीं, अपितु ज्ञान, विज्ञान, धर्म, दर्शन और संस्कृति का भंडार है। संस्कृतस्वाध्याय की द्वितीया दीक्षा के रूप में “व्यवहारप्रदीपः” विशेष रूप से व्यवहारिक संस्कृत के अध्ययन और स्वाध्याय के लिए रचित है।
Language: Sanskrit, Hindi
Publisher: Rashtriya Sanskrit Samsthan
Published Date: 2004
Size: Unkown
Pages: 376
Author: Vempati Kutumba Shastri
source: link
“संस्कृतस्वाध्यायः द्वितीया दीक्षा – व्यवहारप्रदीपः” संस्कृत के व्यवहारिक ज्ञान को बढ़ाने का उत्कृष्ट साधन है। यह ग्रंथ संस्कृत भाषा को न केवल जीवित रखने में सहायक है, बल्कि इसे आधुनिक संदर्भों में उपयोगी भी बनाता है।

