Garud Puranam Pret kalpa | गरुड पुराण प्रेतकल्प (PDF)

गरुड पुराण प्रेत कल्प (Garud Puranam Pretkalpa)
गरुड पुराण हिन्दू धर्म के अठारह प्रमुख पुराणों में से एक है, जो विशेषतः मृत्यु, आत्मा की यात्रा, पितृलोक, कर्मफल तथा मोक्ष की प्रक्रिया को समझाने के लिए प्रसिद्ध है। यदि आप गरुड पुराण के गंभीर अध्याय ‘प्रेत कल्प’ का अध्ययन करना चाहते हैं तो यह संक्षिप्त किंतु सारगर्भित संस्करण आपके लिए उत्तम है।
Publisher: Gita Press, Gorakhpur
Year of Publication: –
File Size: 50.1MB
Total Pages: 634
Author: –
Editor: –
Printer: –
Place of Printing: Gorakhpur
Source: Internet Archive
गरुड पुराण हिन्दू धर्म के अठारह प्रमुख पुराणों में से एक है, जो विशेषतः मृत्यु, आत्मा की यात्रा, पितृलोक, कर्मफल तथा मोक्ष की प्रक्रिया को समझाने के लिए प्रसिद्ध है। इसमें वर्णित प्रेतकल्प खंड विशेष रूप से उन कर्मों, संस्कारों और विधानों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है जो मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा और पुनर्जन्म को प्रभावित करते हैं। यह ग्रंथ मृत्यु के बाद के संस्कारों, श्राद्ध विधियों, नरक व स्वर्ग की अवधारणाओं, यमलोक की प्रक्रियाओं, कर्म के सिद्धांत और आत्मा की शुद्धि के उपायों की व्याख्या करता है। संस्कृत में मूल श्लोक और हिंदी में सरल टीका इसे आम जनमानस के लिए भी बोधगम्य बनाते हैं। संक्षिप्त संस्करण गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित है, जो भारत के प्रत्येक घर में धर्मग्रंथों की उपस्थिति को सुलभ बनाता है। यह संस्करण कुल 634 पृष्ठों में विस्तृत है तथा इसका आकार लगभग 50.1MB है। इस ग्रंथ का अध्ययन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी माना जाता है। यह उन सभी के लिए अनिवार्य ग्रंथ है जो जीवन-मरण के रहस्यों को समझना चाहते हैं। यदि आप गरुड पुराण के गंभीर अध्याय ‘प्रेत कल्प’ का अध्ययन करना चाहते हैं तो यह संक्षिप्त किंतु सारगर्भित संस्करण आपके लिए उत्तम है।
